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सोमवार, 16 फ़रवरी 2015

काश वो चेहरे को



काश वो चेहरे को, नकाब से छिपा लेते,
ये बेहयापन दिल का दिल में ही दबा रहता।।
ये उम्र भर का रोग सीने से लग बैठा ,
ना उनका पता रहता, ना खुद का पता रहता।।

- अंकित कुमार 'नक्षत्र '

शुक्रवार, 21 नवंबर 2014

ना आएंगे कभी


ना  आएंगे कभी, उनकी नज़रो में अब हम। 
कैसे झेल पाएंगे, ये नासूर-ए-गम ।।
तमन्ना-ए-दिल, तेरी आँखों में बस जाए।  
ना हो कभी जुदा , तेरे दिल से ए-सनम ।।

-अंकित कुमार 'नक्षत्र '

सोमवार, 22 सितंबर 2014

शनिवार, 20 सितंबर 2014

शुक्रवार, 19 सितंबर 2014

गुरुवार, 11 सितंबर 2014

तेरे दिल से चले तो


तेरे दिल से चले तो बातो मे उलझ गए ।
जब बातो से चले तो यादों मे उलझ गए ।।

तेरे प्यार को जोडा था मैने कतरा-कतरा करके।
आज उन कतरनो में प्यार की खुद ही उलझ गए ।

मंगलवार, 9 सितंबर 2014

बडा नादान है ये दिल

बडा नादान है ये दिल औ कितना नासमझ भी है ।
इसे इज्जत नही दिखती, इसे नफरत
नही दिखती ।।

ये परवा ही नही करता सिवाय चाहने वालो के ।
इसे दौलत नही दिखती,  इसे शौहरत
नही दिखती ।।

प्यार के ढाई अक्षर में ये कितना उलझा हुआ है ।
इसे बाते नही दिखती,  इसे रातें
नही दिखती ।।

कैसा बेचैन होता है ये, इसका हाल तो देखो ।
इसे जीवन नही दिखता,  इसे मृत्यु
नही दिखती ।।

अपनी ही धुन में मस्त होता जा रहा 'नक्षत्र'
इसे मंजर नही दिखता,  इसे हस्ती
नही दिखती ।।

सोमवार, 8 सितंबर 2014

उन्हे हमसे भी है नफरत,

उन्हे हमसे भी है नफरत, हमारी आशिकी  से भी ।

ना खुद को भूल पाता हूं, ना उन को भूल पाता हूं ।।

वो बेवफा कहती थी

वो बेवफा कहती थी उसे प्यार बहुत है ।

औ हमारे दो आंसू भी वो संभाल ना सकी ।।

प्यार मे तू कितना बेबस

प्यार मे तू कितना बेबस  हो गया नक्षत्र ।

ना दिल  से छोड पाता है , ना दिल  से छूट पाता है  ।।

जिंदगी कुछ ऐसे

जिंदगी कुछ ऐसे निकल गई आंखों  से ।

रेत जैसे फिसल जाए मुट्ठी बंद हाथों से ।।

कहूंगा कुछ शब्द अपने

कहूंगा कुछ शब्द अपने आंसुओं की जबानी ।

बिखर जाएगी  शहर मे दर्द-ए-दिल की कहानी ।

रविवार, 7 सितंबर 2014

सोमवार, 23 जून 2014

शनिवार, 21 जून 2014

गुरुवार, 19 जून 2014

मंगलवार, 29 अप्रैल 2014

तुमसे दूरी बढी तो


तुमसे दूरी बढी तो चाहा दम निकल जाए ।
मेरे दिल का आज सारा गम निकल जाए ।।

ना जाओ इस तरह से


ना जाओ इस तरह  से मेरे दिल को तोड के ।
ना जाओ अपने प्यार को यूं रोता छोड के ।।
जो तू अगर छूटी   तो   छूट  जाए   जिंदगी ,
ना जाओ बेरुखी से यूं नजरो को   मोड के ।।

-- नक्षत्र ...